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       #Post#: 2453--------------------------------------------------
       Re: Yoga For all
   DIR By: lubhan
       Date: December 16, 2016, 12:35 am
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       समय के साथ
       नहाने के
       तौर तरीकों
       में बहुत
       फर्क आया
       है। बाल्टी
       के मुकाबले
       नहाने में
       शावर का
       इस्तेमाल
       आम हो गया
       है
       लेकिनर्बिटेन
       के माइनलैब
       इंटरनेश्नल
       के
       न्यूरोसाइक्लांजिस्ट
       डां. डेविड
       लिविस के
       दल ने
       सम्पूर्ण
       स्रान के
       लिए शांवर
       उपकरणविकसित
       किए हैं।
       डां. डेविड
       कहते हैं
       कि शांवर
       खोल कर
       पानी के
       नीचे खड़े
       हो जाना ही
       नहाना नहीं
       है।
       सम्पूर्ण
       स्रान के
       कई शारीरिक
       और
       मनोवैज्ञानिक
       लाभ हैं।
       मानव त्वचा
       के हर वर्ग
       इंच में
       हजारों की
       तादाद में
       ऐसे संवेदक
       होते हैं,
       जो
       मसि्तष्क
       से जुड़े
       होते हैं।
       र्बिटेन
       में 1000 लोगों
       पर स्रान
       से जुड़ी
       आदतों का
       शोध करने
       के बाद डां.
       डेविड इस
       नतीजे पर
       पहुंचे कि
       बाथरूम में
       निजता की
       पूरी
       व्यवस्था
       होनी
       चाहिए।
       स्रान के
       दौरान
       एक्रागता
       बेहद जरूरी
       है। शांवर
       से निकलने
       वाले पानी
       का दबाव
       इतना नहीं
       होना चाहिए
       कि रोम
       छिद्र
       प्रभावित
       हों और
       मसि्तष्क
       पर
       प्रतिकूल
       असर पड़े।
       बच्चों को
       दिया जाने
       वाला शांवर
       का दबाव
       हल्का
       होना। उनके
       अनुसार कई
       बार देखा
       जाता है कि
       लोग पानी
       का तापमान
       ज्यादा कर
       नहाते हैं।
       इससे हमारा
       पाचन तंत्र
       तो
       प्रभावित
       होता ही है,
       त्वचा के
       कोमल
       हिस्सों के
       नष्ट होने
       का खतरा भी
       रहता है।
       बाथरूम
       साफ.सुथरा
       होना
       चाहिए। शोध
       के
       दौरानपाया
       गया है कि
       सुगंधित
       स्रानघरों
       में नहाने
       के बाद
       शरीर
       हल्का.फुल्का
       हो जाता है
       और चित्ता
       को शांति
       मिलती है।
       बहुत
       ज्यादा देर
       तक नहाना
       भी नुकसान
       पहुंचाता
       है। पानी
       के नीचे
       उतना ही
       समय
       गुजारे, कि
       जिस्म साफ
       हो जाए और
       आपको ताजगी
       महसूस
       हो।गरम
       पानी के
       बाद शरीर
       पर किसी भी
       सि्थति में
       ठंडा पानी
       नहीं पड़ना
       चाहिए
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